Jun 18, 2024, 19:43 IST

असम में हो रही मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

असम में हो रही मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

असम और पड़ोसी राज्यों के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है जिसके बाद ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी कोपिली का जलस्तर नागांव जिले के कामपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि इस समय जलस्तर ऊपर-नीचे हो रहा है। नदी के बीच में एक मूर्ति है और जब पानी उसकी गर्दन तक पहुंच जाता है, तो हमें पता चलता है कि जलस्तर बढ़ गया है।

बता दें कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को एक सप्ताह का पूर्वानुमान जारी करते हुए गुवाहाटी में लगातार बारिश होने की भविष्यवाणी की है।

असम और मेघालय समेत देश के कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, जहां 20 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

आईएमडी ने 18 जून यानी मंगलवार को विशेष रूप से भारी बारिश की चेतावनी दी है।

आईएमडी ने रविवार को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कहा, असम और मेघालय में 16 और 17 जून को भारी (64.5-115.5 मिमी) से लेकर बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिमी) और 18 जून को असाधारण रूप से भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि 19 और 20 जून को भारी (64.5-115.5 मिमी) से लेकर बहुत भारी वर्षा (115.5-204.4 मिमी) होने की संभावना है।

गुवाहाटी में भारी बारिश के बाद सोमवार को अनिल नगर और चांदमारी इलाकों की सड़कें बुरी तरह जलमग्न हो गईं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। अनिल नगर के एक निवासी ने प्रशासन से समाधान की गुहार लगाई।

एक स्थानीय ने कहा, रात में पानी गिरा और पानी भर गया है। हम यहां कैसे आएंगे-जाएंगे? मैं प्रशासन से कहना चाहता हूं कि हमें यहां डायवर्जन की जरूरत है, क्योंकि डायवर्जन के बिना कोई समाधान नहीं है।

इस बीच, चक्रवात रेमल के कारण असम में भारी बारिश हुई है, जिससे व्यापक बाढ़ आ गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ के कारण 14 जिले और 309 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें करीमगंज सबसे अधिक प्रभावित है।

ताजा बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ के कारण ग्रामीण असम में 1,05,786 लोग प्रभावित हुए हैं और 1005.7 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने 11 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहां 3,168 लोग शरण लिए हुए हैं।

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