Supreme Court का यह रुख सिर्फ एक याचिका का अंत नहीं, बल्कि खेल प्रशासन और राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व की दिशा में एक स्पष्ट संदेश है। BCCI की भूमिका, उसकी ताकत और उसका प्रभाव अब न केवल मैदान पर, बल्कि कानून की नजर में भी स्थापित हो चुका है। आने वाले समय में यह फैसला भारतीय खेल व्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार के रूप में देखा जाएगा।
टीम इंडिया नाम पर Supreme Court की दो-टूक: BCCI का नियंत्रण कानूनन मान्य, याचिका खारिज, कोर्ट ने दिखाई सख्ती
