BCCI National Sports Governance Act 2025 से जुड़ा मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अदालत ने BCCI तथा सभी राज्य क्रिकेट संघों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उन्हें इस कानून के दायरे में क्यों नहीं लाया जाना चाहिए। अदालत ने पदाधिकारियों के कार्यकाल और सेवा शर्तों को लेकर भी सवाल उठाया है। BCCI का प्रशासनिक इतिहास पहले ही लोढ़ा कमेटी, संशोधित संविधान और कार्यकाल संबंधी न्यायिक आदेशों से गुजर चुका है। ऐसे में आगे होने वाली सुनवाई भारतीय क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। अंतिम स्थिति अदालत के आगामी आदेश और संबंधित पक्षों की दलीलों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
BCCI पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल: नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट के दायरे से बाहर क्यों रहे क्रिकेट बोर्ड? राज्य संघों पर भी उठे सवाल
