Muzaffarnagar की तुगलपुर कम्हेड़ा काऊ सेंचुरी में शुरू हुआ नस्ल सुधार कार्यक्रम पशुपालन और डेयरी विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्नत नस्ल के बछड़ों का जन्म, आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर की तैयारी और आत्मनिर्भर मॉडल विकसित करने की योजना ने इस परियोजना को खास बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी सेक्टर के लिए नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।
Muzaffarnagar काऊ सेंचुरी में नस्ल सुधार मिशन की शुरुआत: थार पारकर और गिर नस्ल के बछड़ों का जन्म, डेयरी क्रांति की तैयारी तेज
