Muzaffarnagar विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई सामाजिक संतुलन का अच्छा उदाहरण है। धार्मिक स्थलों को भी समझना होगा कि ‘श्रद्धा और अनुशासन’ एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि हर संस्था ध्वनि सीमा का पालन करेगी तो शहर का वातावरण और अधिक शांतिपूर्ण बनेगा।
Muzaffarnagar में लाउडस्पीकर पर सख्ती: 9 धार्मिक स्थलों से उतारे गए स्पीकर, पुलिस ने दिया सख्त संदेश
