Muzaffarnagar में सामने आया यह मामला केवल एक स्थानीय धोखाधड़ी नहीं बल्कि तेजी से फैलते साइबर अपराध के खतरनाक स्वरूप की ओर संकेत करता है। आसान लोन और आर्थिक सहायता के नाम पर लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों तक पहुंचाने वाला यह नेटवर्क कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता था। पुलिस की समय रहते की गई कार्रवाई से न केवल एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, बल्कि आम लोगों को भी यह संदेश मिला है कि बैंकिंग दस्तावेज और व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी किसी भी परिस्थिति में दूसरे व्यक्ति को सौंपना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। फिलहाल पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
Muzaffarnagar में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: लोन दिलाने के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते, देशभर के साइबर अपराधियों तक पहुंचती थी बैंकिंग किट
