Muzaffarnagar मोती झील और शुक्र तीर्थ से जुड़े इन मुद्दों ने स्थानीय स्तर पर धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास के बीच संतुलन की बहस को फिर से जीवित कर दिया है। अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि जनभावनाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच किस तरह समाधान निकाला जाता है।
Muzaffarnagar मोती झील विवाद: मछलियों की मौत पर ठेका निरस्त करने की मांग, शुक्र तीर्थ में मोबाइल टावर का विरोध तेज
