Muzaffarnagar आयोजित यह वृहद अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गंगा संरक्षण, स्वच्छता, प्लास्टिक उन्मूलन, वन्यजीव सुरक्षा, वेटलैंड संरक्षण और जन-जागरूकता जैसे अनेक महत्वपूर्ण आयामों को साथ लेकर चला। गंगा तट पर 1100 पौधों, अभयारण्य क्षेत्र में 16 हजार वृक्षों और पूरे मुजफ्फरनगर में 5 लाख से अधिक पौधों के रोपण ने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन, संत समाज, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक एक साथ आगे आते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और समृद्ध जैव विविधता सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
शुकतीर्थ बना पर्यावरण संरक्षण का केंद्र: गंगा तट पर 1100 पौधे, अभयारण्य क्षेत्र में 16 हजार वृक्षारोपण, 5 लाख पौधों से हरित हुआ Muzaffarnagar
