Muzaffarnagar में संपन्न यह रैन सबाई कीर्तन न केवल गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस का स्मरण था, बल्कि यह भक्ति, सेवा, संगत और शहादत की वह पवित्र अनुभूति थी जिसने शहर के आध्यात्मिक वातावरण को अलौकिक बना दिया।
Muzaffarnagar में भव्य रैन सबाई कीर्तन: गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस पर हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर, संगत रातभर शबद-कीर्तन में लीन
