May 4, 2022, 18:20 IST

डेनमार्क में मिलती है बेरोजगारों को सैलरी

डेनमार्क में मिलती है बेरोजगारों को सैलरी
डेनमार्क सरकार नौकरी नहीं मिल पाने की स्थिति में लोगों को बेरोजगारी भत्ता मुहैया कराती है। फिस्कल ईयर 2021 में सरकार ने बेरोजगारों को 15.63 हजार करोड़ रुपये बतौर बेरोजगारी भत्ते के रूप में दिए थे। यही वजह है कि लोग बेरोजगार रहने में भी टेंशन में नहीं रहते हैं। यहां नौकरी का बीमा भी होता है। आम तौर पर हर कंपनी अपने कर्मचारियों को यह सुविधा मुहैया कराती है। ऐसे में अगर किसी की नौकरी चली गई। तो कुछ शर्तों के साथ बीमा कंपनियां सैलरी देती हैं।डेनमार्क सरकार ने बच्चों के कुछ नाम तय कर दिए हैं। ऐसे में पैरेंट्स को अपने बच्चों के नाम रखने के लिए उन्हीं नामों का चयन करता है जो सरकार ने तय किए हैं। अगर सरकार के तय किए गए नाम पैरेंट्स को पसंद नहीं है और कोई दूसरा नाम रखना चाहते हैं। इसके लिए पैरेंट्स को चर्च से परमिशन लेनी होती है। सरकारी अधिकारी उस नाम की जांच करते हैं फिर उसे अप्रूव करते हैं। इसके बाद ही पैरेंट्स अपने बच्चों का नाम रख सकते हैँ। डेनमार्क में पुरुषों के सबसे ज्यादा कॉमन नाम पीटर है। महिलाओं में कॉमन नाम एनी है।